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शोभित विश्विद्यालय में तीन दिवास्य अंतर्राष्ट्रीय सम्म्मेलन का समापन

मोदीपुरम स्थित शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी डीम्ड यूनिवर्सिटी, मेरठ में आज दिंनाक 28 फरवरी 2021 को तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्म्मेलन “ग्लोबल अप्प्रोचेस इन नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट फॉर क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर (GNRSA-2020) ड्यूरिंग पेन्डामिक एरा ऑफ़ COVID-19”, का समापन किया गया ।

 

आज दिंनाक 28 फरवरी 2021 को इस कार्यक्रम की शुरुआत शोधकर्ताओं के द्वारा टेक्निकल सेशन के दौरान साइंटिफिक व्याख्यानों पर परिचर्चा करते हुए हुई। कांफ्रेंस में ऑनलाइन एंड ऑफलाइन सेशंस का आयोजन किया गया जिसमे ऑफलाइन सेशन में प्रो0 संजय स्वामी, प्रो0 नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट सेंट्रल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, मेघालय चैयरमेन, डॉ सत्य प्रकाश, प्रो0 एंड हेड, कॉलेज ऑफ़ हॉर्टिकल्चर, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मेरठ, डॉ गणेश भरद्वाज, शोभित विश्विद्यालय मेरठ को-चेयरपर्सन रहे। डॉ प्रताप सिंह डीन, स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर साइंसेज, आई आई ऍम टी यूनिवर्सिटी, मेरठ रिपोटियर रहे। इस संगोष्ठी के दौरान ऑनलाइन सेशन के चैयरमेन प्रो0 संदीप कुमार एवं को-चेयर डॉ अल्पना जोशी शोभित यूनिवर्सिटी, मेरठ रहे । जिसमे राष्ट्रीय एंड अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। डॉ संजय सिंह सीनियर साइंटिस्ट एंड हेड फारेस्ट रिसर्च सेंटर प्रयागराज ने बम्बो स्पीशीज के कार्बन सेक्वेस्ट्रेशन में इस्तेमाल किये जाने वाले तरीको पर जोर डालते हुए बताया कि किस प्रकार से कार्बन डाईऑक्साइड के लेवल को काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा के भारतीय बम्बो में कार्बन डाईऑक्साइड के लेवल को कम करने की अधिक क्षमता पायी जाती है ट्रॉपिकल ट्रीज के बजाये।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि शोभित विश्विद्यालय के कुलपति प्रो0 अमर प्रकाश गर्ग रहे। इस कार्यक्रम के स्पेशल गेस्ट डॉ. उमा कांत सिंह, प्रेजिडेंट, SVPSS, प्रयागराज; प्रो0 संजय स्वामी, प्रेजिडेंट, SCSI, मेघालय एवं डॉ अनंत कुमार, प्रेजिडेंट ऐ टी डी एस; डॉ गणेश भरद्वाज; रजिस्ट्रार, शोभित यूनिवर्सिटी मेरठ; डॉ मनोज नजीर, प्रेजिडेंट, ऐन जी टी; डॉ संजय सिंह साइंटिस्ट एंड हेड, FRCER-ICFRE; डॉ राम जी लाल, एक्स प्रिंसिपल साइंटिस्ट, IISR इस कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ़ ऑनर रहे साथ ही मंच के शोभा बड़ाई । समापन समारोह में माँ सरस्वती कि आराधना के उपरांत चीफ गेस्ट प्रो0 अमर प्रकाश गर्ग जी ने कांफ्रेंस के उच्चतम स्तर पर सफल होने पर बधाई देते हुए सभा को क्लाइमेट को मेन्टेन रखने के विभिन्न उपायों को बताया। उन्होंने पान्डेमिक एरा में फाइनेंसियल एंड एग्रीकल्चर को कैसे मैनेज किया जा सकता है पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया की किसानो को इस सम्मलेन से अत्यधिक लाभ मिला और इस सम्मलेन में १०८६ शोध पत्र प्रकाशित किये गए है।

डॉ. संजय स्वामी ने किसानों द्वारा कार्यान्वयन के लिए विचार-विमर्श के उपयोगी परिणामों पर भी चर्चा की और कहा की इस सम्मेलन से किसानो की समस्याओं को कम करने के लिए कई समाधान निकलेंगे। डॉ. मनोज नजीर ने कहा कि इस कांफ्रेंस ने कोविद-१९ महामारी के दौरान भारत के बेहतर प्रदर्शन को विश्व्यापी आयाम पर प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी कहा कि शोभित विश्वविद्यालय ने प्रतिभागियों और प्रतिनिधियों के परम आतिथ्य के साथ एक सुनियोजित सम्मेलन आयोजित किया। डॉ संजय सिंह ने सफल सम्मेलन के लिए आयोजक की कड़ी मेहनत की सराहना की और कहा की इस सम्मेलन ने प्रतिभागियो को भारत और विदेश में दूर के स्थानों से जोड़ा है। उमाकांत जी ने विश्विद्यालय के कुलपति और आयोजक सदस्यों को कार्यक्रम की सफलता के लिए धन्यवाद और सराहना भी की ।

समापन सम्हारोह का मंच का संचालन आयुषि सिंह के द्वारा किया गया, डॉ नीलेश कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, सरदार वल्लभ भाई पटेल यूनिवर्सिटी ने तीन दिवसीय समारोह में चल रहे कार्य क्रम कि रिपोर्ट को बांचा। नीलेश कुमार जी ने बताया प्रतिभागियों के द्वारा भिन्न एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, बायोटेक्नोलॉजी , एंटोमोलोजी, पैथोलॉजी के क्षेत्रो में किये जा रहे अथक प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने बताया, इस अंतर्राष्ट्रीय सम्म्मेलन का आजोयन संयुक्त रूप से शोभित डीम्ड यूनिवर्सिटी, मेरठ, एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सोसाइटी , गाज़ियाबाद, ऐन जी टी , जम्मू एवं अस्स वी पी एस एस, प्रयागराज , उत्तरप्रदेश , इंडिया द्वारा किया गया था । अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य बदलते परिदृश्य में कृषि के सतत विकास लिए और जैव विविधता के संरक्षण लिए, भविष्य की रणनीतियों के कार्यान्वयन के लिए, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी हासिल करने एवं अनुसंधान संचार के क्षेत्र में चर्चा और सहभागिता के लिए मंच प्रदान करना था जो की पूर्णतया सफल रहा। डॉ निलेश कपूर ने सम्मेलन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम को बहुत ही संवादात्मक एवं अद्भुत बताया। उन्होंने बताया इस कांफ्रेंस में विभिन्न विषयों जैसे जैव विविधता के सतत विकास, स्मार्ट कृषि के तरीके, आईसीटी, जैव प्रौद्योगिकी, जैव संरक्षण से संबंधित 31 विषयों को एक अद्भुत तरीके से कवर किया गया है। उन्होंने कहा कांफ्रेंस के ऑफ़लाइन प्रस्तुति मोड में 158 प्रतिभागी ऑफ़लाइन और 256 प्रतिभागी उपस्थित थे। कार्यक्रम में कुलपति प्रो0 अमर प्रकाश गर्ग , शोभित, यूनिवर्सिटी मेरठ ने शोधकर्ताओं, पोस्टर प्रेजेंटेशन ; वर्किंग एग्रीकल्चर बेस्ड मॉडल को पुरस्कार प्रदान किये। इस कार्यक्रम को आयोजित करने में प्रो0 राजीव दत्ता डीन बायोलॉजिकल; डॉ अल्पना जोशी; डॉ संदीप; डॉ सौरभ त्यागी; डॉ माया दत्त जोशी; डॉ . दिनेश डॉ गणेश; डॉ जोगिन्दर; डॉ मनोज, डॉ राजेंद्र, डॉ रश्मि; डॉ अश्वनी; डॉ अनीता राठौर ; श्री रमन शर्मा, डॉ अंशु चौधरी; सुनील गुप्ता ; डॉ मोहमद इमरान, अविनव पाठक , अनिकेत कुमार, डॉ अनंत कुमार ATDS गाज़ियाबाद बीना रावत, शिवा शर्मा, का सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान अनुभवी एवं प्रख्यात शोधकर्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये एवं विभिन्न क्षेत्रो में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शोधकर्ताओं को समानित्त किया गया। समापन सम्हारोह का मंच का संचालन आयुषि सिंह के द्वारा किया गया,उसके उपरांत कार्यक्रम के अंत में अनंत कुमार जी ने सभी को धन्यवाद् ज्ञापित करते हुए सभा का समापन किया।

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