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सुभारती विश्वविद्यालय के उद्यमिता प्रकोष्ठ द्वारा व्याख्यान का आयोजन

मेरठ। देश की नयी शिक्षा नीति ने शिक्षा पद्धति में बड़ा बदलाव किया है। पिछले 34 सालों में वर्तमान शिक्षा को नया आमाम देती नयी शिक्षा नीति 2020 में उधमशीलता को विशेष महत्व दिया गया हैं। सुभारती विश्वविद्यालय तकनिकी शिक्षा के साथ-साथ स्किल इंडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को पेशेवर कौशल के बेहतरीन तरीकों से अवगत करा रहा है।

मुख्य वक्ता वी के कौशल

इसी के तहत विश्वविद्यालय के उद्यमिता प्रकोष्ठ द्वारा ‘‘शैक्षिक-औधोगिक परस्पर निर्भरता‘‘ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान के मुख्य वक्ता श्री वी.के. कौशल उपायुक्त उधोग मेरठ रहे। श्री. वी.के. कौशल अपने क्षेत्र में कई स्थानों जैसे गाजीयाबाद, नोयडा, बरेली, रामपुर, मुजफ्फरनगर, उतरांचल उच्च पदों पर कार्यशील रहें हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। प्रबन्धन संकाय के डीन व निर्देशक तथा विश्वविद्यालय उद्यमिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डा. आर.के. घई ने पुष्य गुच्छ प्रदान कर मुख्य वक्ता श्री वी.के. कौशल का स्वागत किया गया।

मुख्य वक्ता, उपायुक्त उद्योग मेरठ वी के कौशल का स्वागत करते मैनेजमेंट संकाय के डीन व निर्देशक डॉ आर.के. घई

सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रिगेडियर डा. वी.पी. सिंह ने मुख्य वक्ता को प्रतीकात्मक रूप से मोमेन्टों प्रदान कर सुभारती कॉलेज ऑफ मैनेजमेंन्ट एण्ड कॉमर्स और विश्वविद्यालय के केन्द्रीय उद्यमिता प्रकोष्ठ को सफल व्याख्यान आयोजन हेतु बधाई दी। उन्होंने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों में कौशल विकास के गुण स्थापित कर रहा हैं एवं बडे़ स्तर पर इस प्रकार के कोर्स संचालित किये जा रहे है जिनसे छात्रों को रोजगार मिल सके। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र एवं एमएसएमई की उद्योग को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका एवम सराहानीय योगदान प्रसंशा की।

सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. शल्या राज ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपनी योग्यता एवं दशता का उपयोग करते हुए उद्योग जगत में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर देश का नाम रोशन करें।

अपने उद्बोधन में श्री वी.के. कौशल ने शिक्षा और उद्योग को निकट सम्बन्धी बताया। उन्होंने कहा कि कुशल उधोगपति के निर्माण में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होता हैं। एक कुशल उधोगपति के नेतृव्य के माध्यम से देश का विकास सम्भव है। उच्च शिक्षा नीति एवं कौशल विकास व्यक्तिव्त के निर्माण में अत्यन्त सहायक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं उद्यमिता का पारस्परिक सम्बंध अत्यन्त आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने छात्रों की समस्याओं को सुना व उनकी जिज्ञासाओं को जाना और विभिन्न प्रयोगजनक उदाहरणों द्वारा उसका समाधान भी किया।

प्रबन्धन संकाय के डीन व निर्देशक तथा विश्वविद्यालय उद्यमिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डा. आर.के घई ने बताया कि व्याख्यान आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु उनमें उद्योग जगत की बारीकियों को रोपित करना है। उन्होंने कहा कि श्री वी.के. कौशल अपने क्षेत्र के विख्यात व्यक्ति है जिन्होंने अपने व्याख्यान से विद्यार्थियों का ज्ञान वर्धन किया।

व्याख्यान के दौरान विभिन्न महाविद्यालयों/संकायो से लगभग 200 छात्र एवं शिक्षक उपस्थित रहे तथा व्याख्यान के अंत में प्रश्नों द्वारा अपनी जिज्ञासा का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सारिका अभय ने किया।

इस अवसर पर डॉ. मनोज कपिल, डॉ. शोकेन्द्र कुमार एवं विभिन्न सकायों के डीन तथा प्राचार्य आदि उपस्थित रहें।

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