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नेताजी सुभाष चन्द्रबोस के सपनों को आत्मसात कर रहा है सुभारती विश्वविद्यालय- कुलाधिपति, स्तुती नारायण कक्कड

शौर्य व पराक्रम के प्रतीक है नेताजी सुभाष चन्द्रबोस-डा.देशराज सिंह

 

सुभारती विश्वविद्यालय में नेताजी सुभाष चन्द्रबोस का 125 वां जयंती वर्ष राष्ट्रीय पराक्रम दिवस के रूप में हर्षोंल्लास के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में प्रख्यात कवि डा. हरिओम पवार ने देशभक्ति गीत से सभी को किया मंत्रमुग्ध। भारतीय सेना की 17 पंजाब रेजीमेंट एवं सुभारती विश्वविद्यालय में कार्यरत सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों तथा विश्वविद्यालय के एन.सी.सी. व एन.एस.एस. के जवानों ने जोशीलें अंदाज में परेड करके आजाद हिन्द के ध्वज को सलामी दी।

मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय में नेताजी सुभाष चन्द्रबोस की 125 वीं जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में भव्य कार्यक्रम आयोजित करके मनाया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित हुआ। प्रथम सत्र में पराक्रम दिवस की महत्ता पर वक्ताओं का व्याख्यान हुआ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये तथा द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ।

कवि सम्मेलन में कविता सुनाते कवि

मांगल्या प्रेक्षागृह परिसर में ठीक सुबह 11 बजे पराक्रम दिवस की मुख्य अतिथि सुभारती विश्वविद्यालय की कुलाधिपति पूर्व आई.ए.एस. श्रीमति स्तुती नारायण कक्कड ने आज़ाद हिन्द का ध्वजारोहण किया। इस दौरान सामूहिक आज़ाद हिन्द गान हुआ।

17 वी पंजाब रेजिमेंट यूनिट

समारोह की मुख्य आकर्षण भारतीय सेना की 17 पंजाब रेजीमेंट रही एवं सुभारती विश्वविद्यालय में कार्यरत सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों तथा विश्वविद्यालय के एन.सी.सी. व एन.एस.एस. के जवानों ने जोशीलें अंदाज में परेड करके आजाद हिन्द के ध्वज को सलामी दी।

 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुभारती विश्वविद्यालय की कुलाधिपति पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी  स्तुती नारायण कक्कड ने नेताजी सुभाष चन्द्रबोस के तैलचित्र के समक्ष पुष्प अर्पण करते हुए दीप प्रज्जवलन करके कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता डा. देशराज सिंह, कुलपति ब्रिगेडियर डा.वी.पी. सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. शल्या राज ने भी नेताजी सुभाष चन्द्रबोस के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित किए। दीप प्रज्वलन उपरान्त ललित कला संकाय के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की एवं बौद्ध विद्वान भंते डा. चन्द्रकीर्ति द्वारा मंगलाचरण वंदना प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम के संयोजक पत्रकारिता संकाय के प्राचार्य डा.नीरज कर्ण सिंह ने स्वागत सम्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत किया।

मुख्य अतिथि सुभारती विश्वविद्यालय की कुलाधिपति पूर्व आई.ए.एस. स्तुती नारायण कक्कड ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्रबोस ने देशवासियों के हृदय में स्वतंत्रा की मशाल जलाने का गौरवपूर्ण कार्य किया था। उन्होंने कहा कि नेताजी के साहस व बलिदान से ही अंग्रेज भारतीयों के सामने घुटने टेकने को मजबूर हो गये थे। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय पराक्रम दिवस के गौरवशाली अवसर पर सभी को नेताजी के सपनों को आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए ताकि हमारा देश और सशक्त राष्ट्र बन सकें। उन्होंने सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक डा. अतुल कृष्ण को भव्य आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय ने मेरठ की क्रान्तिधरा का अभिमान शिखर पर पहुंचाकर मॉ भारती के वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने का उत्कर्ष कार्य किया है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता डा. देशराज सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्रबोस अखण्ड भारत के सूत्रधार थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन इसलिये अधिक महत्व रखता है क्योंकि मॉ भारती के लाल सुभाष जी ने भारत की पावन धरती पर जन्म लिया और बचपन से ही उनमें नेतृत्व गुण विराजमान था। उन्होंने हमेशा देश को आज़ाद कराने हेतु अंग्रेजों से लोहा लेकर अखण्ड भारत की स्थापना की। उन्होंने सुभारती विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व से ही नेताजी सुभाष चन्द्रबोस के आदर्शो को विद्यार्थियों में रोपित करने हेतु किये जा रहे कार्यो की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बड़े गौरव की बात है कि सुभारती विश्वविद्यालय में अखण्ड भारत का स्वतंत्रता दिवस 21 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाता है और आज नेताजी के 125 वें जयंती वर्ष पर पराक्रम दिवस के भव्य आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि सुभारती विश्वविद्यालय राष्ट्र का गौरव है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते कुलपति

सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रिगेडियर डा. वी.पी. सिंह ने जय हिन्द के उद्घोष के साथ अपना सम्बोधन शुरू करते हुए कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय देश भक्ति की पाठशाला है और यहां के कण कण में नेताजी सुभाष चन्द्रबोस के प्रति आदर व देश प्रेम समाया हुआ है। उन्होंने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय नेताजी से प्रेरणा लेकर उनके सपनों को साकार करने का काम कर रहा है। इसी उद्देश्य से नई पीढ़ियों को इतिहास की जो मूल सच्चाई है उससे अवगत कराने का कार्य विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को पराक्रम दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी से राष्ट्रहित में योगदान देने की अपील की।

कार्यक्रम को सम्बोधित करती डॉ शल्या मुख्य कार्यकारी अधिकारी

मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. शल्या ने अपने उद्बोधन में सभी को पराक्रम दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन शौर्य का दिन है। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्रबोस एवं आज़ाद हिन्द फौज के सभी सदस्यों के बलिदान से अखण्ड भारत की स्थापना हुई थी और सुभारती विश्वविद्यालय अपनी स्थापना से ही नेताजी सुभाष चन्द्रबोस के जन्मदिवस एवं 21 अक्टूबर के दिन को हर्षोल्लास के साथ मनाता आ रहा है। उन्होंने भारत सरकार द्वारा नेताजी के जन्म दिवस को पराक्रम दिवस के रूप में घोषित करने पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हमें अपने समस्त महापुरूषों का इसी प्रकार आदर करते हुए उनके पद चिहृ पर चलकर देश को सशक्त बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।

सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राये

राष्ट्रकवि डा.हरिओम पंवार ने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय ने नेताजी सुभाष चन्द्रबोस के आदर्शों को पल्लवित करने का उत्तम कार्य किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थिंयों चाहिए कि वह नेताजी से प्रेरणा लेकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का कार्य करें। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों को पराक्रम दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सुभारती विश्वविद्यालय द्वारा महापुरूषां के इतिहास को विद्यार्थियों में रोपित करते हेतु किये जा रहे कार्यो की प्रशंसा की। उन्होंने हर्ष प्रकट करते हुए कहा कि यह बड़े गौरव की बात है कि सुभारती विश्वविद्यालय के प्रत्येक भवन एवं मार्ग महापुरूषों के नाम पर स्थापित है एवं हर माह विभिन्न महापुरूषों के जन्म दिवस व पुण्यतिथि को सुभारती दिवस के रूप में मनाकर उनसे प्रेरणा ली जा रही है।
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन- कार्यक्रम के दूसरे सत्र में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें राष्ट्र कवि डा. हरिओम पंवार ने कवि सम्मेलन का संचालन किया। उन्होंने वीर रस की कविताओं से सभी को गर्व की अनुभूति कराते हुए मंत्र मुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन में पदमश्री डा. सुनील जोगी, डा. विष्णु सक्सैना, श्री मनवीर मधुर, श्री राम भदावर सिंह ने देशभक्ति से परिपूर्ण कविताओं से सभी को गौरान्वित कर दिया।
कार्यक्रम में ललित कला संकाय, नेचुरोपैथी कॉलिज, फिजियोथैरेपी कॉलिज,नर्सिंग कॉलिज के विद्यार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने संस्कृति विभाग की पत्रिका ‘‘चरित्र शाला‘‘ का विमोचन किया।
सुभारती परिवार की ओर से मुख्य वक्ता डा. देशराज सिंह एवं राष्ट्र कवि डा. हरिओम पंवार एवं कवि पदमश्री डा. सुनील जोगी, डा. विष्णु सक्सैना, श्री मनवीर मधुर, श्री राम भदावर सिंह को स्मृति चिहृ देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन प्रतिकुलपति डा. विजय वधावन ने दिया। मंच का संचालन लॉ कॉलिज के विद्यार्थीं आशुतोष शर्मा व भावनी कौशल्या ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर मोदीनगर के पूर्व चैयरमेन श्री राम आश्रय शर्मा, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्था आयोग के अपर सचिव श्री जयप्रकाश, एडवोकेट वी.के. शर्मा, एडवोकेट गजेन्द्र सिंह धामा, जगदीश सिंह, श्री यशपाल सिंह, श्री आलोक भटनागर, कुलसचिव डी.के. सक्सैना, डा.एसडी खान, डा. ए.के. श्रीवास्तव, डा.निखिल श्रीवास्वत, डा. हिरो हितो, डा.विनीता निखिल, डा. सत्यम खरे, डा. वैभव गोयल भारती, डा. मनोज त्रिपाठी, सैयद ज़फ़र हुसैन, डा. पिंटू मिश्रा, डा. भावना ग्रोवर, डा. शिव मोहन वर्मा, डा. अभय शंकरगौड़ा, आकाश भटनागर, डा. विवेक संस्कृति, डा. आरपी सिंह, डा. संदीप कुमार, डा. राहुल सिरोही, डा. शैकेन्द्र कुमार, हर्षवर्धन कौशिक, कुलदीप नारायण, अनिल आदि सहित समारोह आयोजन समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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