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मेरठ के स्पोर्टस गुड्स के निर्यात में गत पांच वर्षों में हुयी 21 प्रतिशत की वृद्धि-सीडीओ

प्रदेश का प्रत्येक जिला होगा पोटेन्षियल एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित, प्रत्येक जिले का बनेगा एक एक्सपोर्ट प्लाॅन-सीडीओ

एक्सपोटर्स तत्काल होता है जीएसटी रिफंड, प्रत्येक एक्सपोर्ट कंटेनर पर मिलती है धनराषि-उपायुक्त उद्योग

मेरठ-प्रदेश के प्रत्येक जिले को पोटेन्षियल एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किये जाने के प्रधानमंत्री के विजन को क्रियान्वित किये जाने के उद्देष्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गठित जिला स्तरीय एक्सपोर्ट प्रमोषन कमेटी की जिलाधिकारी के निर्देष पर बचत भवन में आहूत बैठक की अध्यक्षता करते हुये मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ने बताया कि प्रत्येक जिले का हर उत्पाद का एक एक्सपोर्ट प्लाॅन बनाया जायेगा। उन्होने जनपद स्तरीय एक्सपोर्ट प्लाॅन 15 नवम्बर तक बनाने के लिए कहा। मेरठ में लैब स्थापित करने के लिए डीएसआर पर शासन से सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हुयी है तथा अब डीपीआर पर कार्य चल रहा है।

सीडीओ ने कहा कि जिस किसी को भी एक्सपोर्ट प्लाॅन के संबंध में सुझाव देना है वह उद्योग विभाग की ई-मेल आई0डी0 पर प्रेषित कर सकते है। उन्होने कहा कि उद्योग को बढावा दिया जाना आवष्यक है तथा एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिये जाने के लिए सभी आवष्यक कदम उठाये जा रहे है।

संयुक्त निदेषक डीजीएफटी रमेश वर्मा ने कहा कि निर्यात को बढावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में उसके यहां उत्पादित प्रत्येक उत्पाद के लिए एक उप कमेटी बनाने की आवष्यकता है जिसकी नियमित बैठके हो, यह सब उप कमेटी मुख्य कमेटी को अपनी आख्या देगी। उन्होने कहा कि निर्यातको में दक्षता व क्षमता दोनो है। उनको प्रोत्साहित किये जाने की आवष्यकता है। उन्होने बताया कि मेरठ में स्पोर्टस गुड्स में गत पांच वर्षों में निर्यात में 21 प्रतिषत की वृद्धि हुयी है जबकि जालंधर में इसी अवधि में 10.5 प्रतिषत की वृद्धि हुयी है।

उन्होने बताया कि मेरठ के 10 प्रमुख निर्यात किये जाने वाले उत्पादों में एथलेटिकस गुड्स, बाॅल, क्रिकेट का सामान, स्पोर्टस वियर आदि है। सबसे ज्यादा निर्यात यूनाईटेड किंगडम में किया जा रहा है। उन्होने बताया कि आयात करने वाले देषों में वर्ष 2017-18 में चैक रिपब्लिक में 20 प्रतिषत की वृद्धि हुयी है जो कि अन्य देषों से ज्यादा है।

उपायुक्त उद्योग वी0के0 कौशल ने बताया कि मेरठ में एक टेस्टिंग लैब पीपीडीसी स्थापित है लेकिन लैब एक्पोटर्स की सभी जरूरतो को पूरा नहीं कर पा रही है। उन्होने बताया कि मेरठ में लैब स्थापित करने के लिए एक डिटेलेड सर्वे रिपोर्ट (डीएसआर) बनाकर शासन को भेजी गयी, जिसकी सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हो गयी है। उन्होने बताया कि इसके लिए अब एक डिटेलेड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है, जिसमें कौन-कौन से उत्पाद की टेस्टिंग होनी है उसको सम्मिलित किये जाने पर कार्य चल रहा है तथा जिसके लिए ई एंड वाई कंसल्टेन्सी सर्विसेज को भी कार्य दिया गया है।

उन्होने बताया कि एक्सपोटर्स को उनके जीएसटी रिफंड की धनराषि प्राथमिकता पर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेष सरकार द्वारा भी निर्देष दिये गये है। उन्होने बताया कि एक्सपोटर्स को 20 फीट के कंटेनर पर रू0 06 हजार प्रति कंटेनर व 40 फीट के कंटेनर पर रू0 12 हजार प्रति कंटेनर वापस मिलता है जो कि एक वर्ष में अधिकतम रू0 12 लाख हो सकता है। उन्होने बताया कि उ0प्र0 में एक्सपोर्ट प्रमोषन ब्यूरो स्थापित है। उन्होने बताया कि एक साल के अंदर उद्योगो के लिए भूमि खरीदने के लिए कई तरह के प्लाट्स उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर एलडीएम संजय कुमार, डिप्टी कमिष्नर प्रषासन वाणिज्य कर अजय प्रताप सिंह, सहायक निदेषक एमएसएमई महेष कुमार शर्मा, डीडीएम रविशंकर शर्मा, आरएसओ आले हैदर, एक्सपोर्टर सुमेष अग्रवाल, एएमडीआईसी प्रमोद कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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